छतरगढ़: दांव पर जिंदगियां! बसों की छत पर सफर करते लोग, जिम्मेदार मौन
छत्तरगढ़। राज्य में लगातार हो रहे सड़क हादसों से सबक न लेते हुए जिम्मेदार विभाग और बस संचालक अब भी लापरवाही की हदें पार कर रहे हैं। मंगलवार को छत्तरगढ़ कस्बे में एक राजस्थान लोक परिवहन सेवा बस में ऐसी ही खतरनाक तस्वीर देखने को मिली, जब बस के अंदर ठसाठस सवारियों के बीच जगह नहीं होने पर लोगों को छत पर बैठाकर यात्रा कराई गई। बस के चालक और परिचालक यात्रियों से बड़े सहज भाव से कहते नजर आए कि ऊपर बैठ जाइए, हवा भी मिलेगी, आराम भी रहेगा, लेकिन यह आराम जानलेवा जोखिम साबित हो सकता है। तेज रफ्तार में चलती बसों की छत पर बैठे यात्री न केवल असंतुलन का शिकार हो सकते हैं, बल्कि किसी बिजली के तार या पेड़ की डाल से टकराकर हादसे का शिकार भी बन सकते हैं। बस संचालकों के लिए अब सेवा नहीं, सिर्फ मुनाफा प्राथमिकता बन चुकी है। नियम-कानून उनके लिए मज़ाक बन गए हैं। ओवरलोडिंग और यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी जैसे गंभीर अपराध आम बात बन गए हैं। यदि कोई हादसा होता है तो संबंधित विभाग औपचारिक कार्रवाई कर कुछ दिनों के लिए सक्रिय दिखता है, लेकिन कुछ समय बाद सबकुछ फिर पहले जैसा हो जाता है। लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता देती है। स्थानीय जागरूक नागरिकों ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से इस तरह की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक लोगों की जान यूं ही खतरे में रहेगी।

