राजस्थान में SIR को लेकर मचा घमासान, BLO पर दबाव को लेकर BJP-कांग्रेस में तीखी भिड़ंत; क्या है पूरा विवाद?

R.खबर ब्यूरो। राजस्थान में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। मतदाता सूची अपडेट करने की इस प्रक्रिया को लेकर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं। भाजपा इसे “वोटर लिस्ट की शुद्धिकरण प्रक्रिया” बता रही है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि यह आम जनता और BLO पर दबाव बनाने का जरिया बन गया है।

परनामी ने कांग्रेस पर साधा निशाना:-

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्य निर्वाचन प्रभारी अशोक परनामी ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि SIR से कांग्रेस इसलिए घबरा रही है क्योंकि इससे “लाखों फर्जी वोटर” सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि SIR कांग्रेस की “फटी बनियान दिखा देगा”।

परनामी का दावा है कि कांग्रेस सरकारों ने बांग्लादेशी, रोहिंग्या, पाकिस्तानी और अन्य विदेशी घुसपैठियों को बड़ी संख्या में वोटर आईडी जारी किए, जो कांग्रेस को एकमुश्त वोट देते हैं। SIR के बाद इन नामों के हटने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान होगा।

उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां SIR के दौरान लगभग 75 लाख फर्जी और अयोग्य वोटरों के नाम हटाए गए, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विदेशी घुसपैठियों को भारत में सरकार चुनने का अधिकार होना चाहिए?

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अंकित चेची ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी हर हार के बाद नया बहाना खोजती है—कभी EVM, कभी SIR। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में EVM मामले में हार के बाद अब कांग्रेस SIR पर देशव्यापी हंगामा कर रही है, जबकि निर्वाचन आयोग पूरी तरह निष्पक्ष है।

SIR आम जनता के लिए खतरनाक: कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने SIR को जनसाधारण और BLO के लिए खतरनाक बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में SIR के दौरान 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। राजस्थान में भी दो BLO—जयपुर के मुकेश जांगिड़ और सवाई माधोपुर के हरीओम बैरवा—की मौतों ने बड़ा सवाल खड़ा किया है।

परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकारी दबाव और सस्पेंशन की धमकियों ने उनकी जान ले ली। जबकि सरकार इन मौतों को ‘प्राकृतिक’ बता रही है।

डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार BLO पर असहनीय दबाव बनाकर काम करवा रही है। उन्होंने मांग की कि SIR पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराया जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो, और मृत BLO के परिवारों को न्याय के साथ मुआवजा भी दिया जाए।

यूथ कांग्रेस ने जयपुर में प्रदर्शन किया:-

दोनों पार्टियों के बीच यह घमासान अब सड़कों पर भी दिख रहा है। यूथ कांग्रेस ने जयपुर में प्रदर्शन किया तो भाजपा नेताओं ने इसे ड्रामा बताया। निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR पूरे देश के 12 राज्यों में चल रही एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य वोटर सूची को शुद्ध और सटीक बनाना है। लेकिन राजस्थान में यह अभियान अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।